व्हाट्सऐप चुनाव प्रचार प्रबंधन
आज भारत में राजनीतिक संदेश सबसे ज़्यादा व्हाट्सऐप पर असर करता है, और लगभग हर अभियान इसे बुरी तरह चलाता है — बिना निगरानी वाले ग्रुप, फ़ालतू फ़ॉरवर्ड, ऑप्ट-इन का कोई रिकॉर्ड नहीं और नंबर बैन होने का लगातार ख़तरा। हम इसे आधिकारिक बिज़नेस API पर एक सही व्यवस्था की तरह चलाते हैं।
इसमें क्या शामिल है
वह चैनल जहाँ भारतीय राजनीति असल में होती है।
- बूथ, वार्ड और क्षेत्र स्तर के ग्रुपों का ढाँचा — हर बूथ का एक ग्रुप (अधिकतम 256 सदस्य)
- हर ग्रुप के लिए दो एडमिन की भर्ती और प्रशिक्षण, लिखित कंटेंट नीति के साथ
- आधिकारिक व्हाट्सऐप बिज़नेस API सेटअप, वेरिफ़िकेशन और मैसेज टेम्पलेट की मंज़ूरी
- ऑप्ट-इन रिकॉर्ड और नियम-पालन का दस्तावेज़ीकरण
- शिकायत और स्वयंसेवक पंजीकरण के लिए चैटबॉट, जो बूथ-वार टैगिंग के साथ CRM से जुड़ा हो
- हर वार्ड के लिए रोज़ का स्थानीय कंटेंट पैक
- हर ग्रुप की फ़ॉरवर्ड-रेट और एंगेजमेंट रिपोर्ट
व्हाट्सऐप चुनाव प्रचार प्रबंधन: उम्मीदवारों के सवाल
क्या हमारे नंबर बैन हो जाएँगे?
सही ऑप्ट-इन और मंज़ूर टेम्पलेट के साथ बिज़नेस API पर नहीं। अगर आप निजी नंबरों से धड़ाधड़ मैसेज भेजेंगे, तो ज़रूर होंगे — और ज़्यादातर अभियान यही करते हैं, जब तक उनके साथ ऐसा हो नहीं जाता।
क्या व्हाट्सऐप बिज़नेस API पर राजनीतिक कंटेंट भेजा जा सकता है?
हाँ, मेटा की नीति और भारतीय चुनाव नियमों के दायरे में, दर्ज ऑप्ट-इन और पहले से मंज़ूर टेम्पलेट के साथ। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद कंटेंट का मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (MCMC) से पूर्व-प्रमाणन फिर भी ज़रूरी है।
अपनी सीट के बारे में बताइए।
अपने क्षेत्र और अभियान की ज़रूरतों पर बात करें
- मुफ़्त 30 मिनट का सीट आकलन — कोई बाध्यता नहीं
- काम शुरू होने से पहले दायरा और गोपनीयता की शर्तें तय होंगी
- मुफ़्त 30 मिनट का सीट आकलन — कोई बाध्यता नहीं
- काम शुरू होने से पहले दायरा और गोपनीयता की शर्तें तय होंगी