बूथ स्तरीय प्रबंधन
भारत की हर विधानसभा सीट असल में लगभग 1,000 मतदाताओं वाले 200–300 छोटे-छोटे चुनाव हैं। जो अभियान इसे एक बड़ा चुनाव मानकर चलते हैं, वे उन अभियानों से हार जाते हैं जो इसे 250 छोटे चुनाव मानकर लड़ते हैं।
इसमें क्या शामिल है
चुनाव एक-एक बूथ पर, 1,200 वोट करके जीते जाते हैं।
- पिछले तीन चुनावों और मौजूदा सर्वे के आधार पर बूथ वर्गीकरण: मज़बूत, जीतने योग्य, स्विंग और विरोधी
- हर मतदान केंद्र पर 11–21 कार्यकर्ताओं की बूथ समिति — भर्ती, सत्यापन और प्रशिक्षण
- पन्ना प्रमुख ढाँचा: मतदाता सूची का एक पन्ना (लगभग 30 मतदाता) एक कार्यकर्ता के ज़िम्मे, मोबाइल ऐप पर हाज़िरी और काम की ट्रैकिंग
- मतदाता सूची की सफ़ाई — डुप्लिकेट, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की पहचान
- बूथ और क्रम संख्या वाली वोटर पर्चियों की छपाई और वितरण
- मतदान के दिन हर बूथ पर घंटे-दर-घंटे मतदान की निगरानी, व्हाट्सऐप बॉट और IVR से रिपोर्टिंग
- मतदान और मतगणना एजेंटों की तैनाती, और रिटर्निंग ऑफ़िसर तक शिकायत पहुँचाने की तय प्रक्रिया
बूथ स्तरीय प्रबंधन: उम्मीदवारों के सवाल
हमारी पार्टी की बूथ समितियाँ पहले से हैं। आप क्या जोड़ते हैं?
सत्यापन और जवाबदेही। जिन सीटों का हम ऑडिट करते हैं, उनमें से ज़्यादातर में सूची के 30–50% बूथ कार्यकर्ता या तो निष्क्रिय होते हैं, कई बूथों पर दोहराए गए होते हैं, या होते ही नहीं। हम पहले हफ़्ते में यह कमी पकड़ लेते हैं और अभियान की योजना बनाने से पहले सूची दोबारा तैयार करते हैं।
क्या आप बूथ कार्यकर्ता उपलब्ध कराते हैं?
जहाँ पार्टी का ढाँचा कमज़ोर है, वहाँ हम भर्ती और प्रशिक्षण करते हैं, लेकिन लक्ष्य हमेशा पहले आपके मौजूदा कैडर को सक्रिय करना होता है। बाहर से लाए गए कार्यकर्ता मतदाताओं को नहीं जानते, और मतदान के दिन सिर्फ़ यही बात मायने रखती है।
अपनी सीट के बारे में बताइए।
अपने क्षेत्र और अभियान की ज़रूरतों पर बात करें
- मुफ़्त 30 मिनट का सीट आकलन — कोई बाध्यता नहीं
- काम शुरू होने से पहले दायरा और गोपनीयता की शर्तें तय होंगी
- मुफ़्त 30 मिनट का सीट आकलन — कोई बाध्यता नहीं
- काम शुरू होने से पहले दायरा और गोपनीयता की शर्तें तय होंगी